हौजरानी अग्निकांड के बाद बड़ा खुलासा

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दक्षिण दिल्ली के हौजरानी अग्निकांड की जांच के दौरान दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि जिस पांच मंजिला इमारत में होटल संचालित हो रहा था, उसे निगम के अधिकारियों ने निरीक्षण रिपोर्ट में केवल चाय और स्नैक्स की दुकान बताया था।

जानकारी के अनुसार, हौजरानी स्थित ‘फ्लोरिश स्टे होटल’ का वर्ष 2025-26 के दौरान दो बार भौतिक निरीक्षण किया गया था। हालांकि निरीक्षण करने वाले अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में होटल संचालन का कोई उल्लेख नहीं किया और इसे चाय की दुकान के रूप में दर्ज कर दिया। मामले के सामने आने के बाद एमसीडी ने पांच अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

कई वर्षों से होटल, लेकिन लाइसेंस चाय-स्नैक्स का

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि संबंधित प्रतिष्ठान कई वर्षों से एमसीडी से ‘टी एंड स्नैक्स’ श्रेणी का लाइसेंस लेकर संचालित हो रहा था। वहीं दूसरी ओर, इमारत को वर्ष 2024 से दिल्ली पर्यटन विभाग की ओर से बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) लाइसेंस भी प्राप्त था।

एमसीडी सूत्रों के अनुसार, पहले चाय और स्नैक्स श्रेणी के लाइसेंसों के लिए नियमित जमीनी निरीक्षण अनिवार्य नहीं था। इसी वजह से लंबे समय तक वास्तविक गतिविधियों की जांच नहीं हो सकी। बाद में मार्च 2025 में एक अन्य मामले के बाद सभी त्वरित लाइसेंसों के लिए भौतिक सत्यापन अनिवार्य किया गया था।

चाय-स्नैक्स के लाइसेंस पर चल रहा था होटल... फाइल रफा-दफा करने की कोशिश,  मालवीय नगर अग्निकांड की Inside Story - hauz rani hotel deaths mcd  corruption halted sealing 8 months ago

निरीक्षण हुआ, फिर भी नहीं मिली होटल की जानकारी

जमीनी सत्यापन के दौरान संबंधित अधिकारियों को इमारत का निरीक्षण सौंपा गया था। आरोप है कि निरीक्षण के बावजूद रिपोर्ट में केवल चाय की दुकान का जिक्र किया गया और होटल संचालन की जानकारी छिपा ली गई। इसी आधार पर निगम ने वर्ष 2023 से अब तक संबंधित क्षेत्र में तैनात रहे पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टर (PHI) और असिस्टेंट पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टर (APHI) सहित अन्य अधिकारियों से जवाब मांगा है।

अन्य जोनों में भी होगी जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए एमसीडी ने जांच का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। अब केवल दक्षिणी जोन ही नहीं, बल्कि निगम के सभी जोनों के अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाएगी। जांच में भवन विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग, जनरल ब्रांच और केंद्रीय लाइसेंसिंग विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे।

विजिलेंस रिपोर्ट के बाद हो सकती है बड़ी कार्रवाई

एमसीडी आयुक्त ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट विजिलेंस विभाग से तलब की है। सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ निलंबन सहित कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। संभावना है कि इस सप्ताह के भीतर इस मामले में बड़े प्रशासनिक फैसले लिए जाएं।

हौजरानी अग्निकांड के बाद सामने आई इस लापरवाही ने निगम की निरीक्षण व्यवस्था और अवैध निर्माणों पर निगरानी को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

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Kinni Times
Author: Kinni Times

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