भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस बी.वी. नागरत्ना को 29 जून 2026 से Supreme Court Legal Services Committee (SCLSC) की नई चेयरपर्सन के रूप में नामित किया है। यह नियुक्ति जस्टिस जे.के. माहेश्वरी के सेवानिवृत्त होने के बाद की गई है। परंपरा के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के तीसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश को SCLSC का प्रमुख बनाया जाता है।
क्या है सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विसेज़ कमिटी?
सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विसेज़ कमिटी लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटीज़ एक्ट, 1987 के तहत कार्य करती है। इसका उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में आने वाले पात्र एवं जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है।
समिति की प्रमुख जिम्मेदारियां:
– पात्र लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराना।
– कानूनी सहायता के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच और कार्रवाई करना।
– जरूरत पड़ने पर लीगल एड वकीलों की नियुक्ति सुनिश्चित करना।
– सभी नागरिकों के लिए न्याय तक समान और सुलभ पहुंच को बढ़ावा देना।
क्यों महत्वपूर्ण है यह नियुक्ति?
जस्टिस बी.वी. नागरत्ना की नियुक्ति को न्याय व्यवस्था में समान अवसर और गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे सुप्रीम कोर्ट में न्याय पाने के इच्छुक आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को और बेहतर सहायता मिलने की उम्मीद है.








