शिवराज सिंह चौहान का कांग्रेस पर हमला, बोले- ‘नाच न जाने आंगन टेढ़ा’, राहुल गांधी के बयान पर भी उठाए सवाल

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इंडिया ब्लॉक के मार्च से पहले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस की चुनावी हार और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को अपनी कमियों पर आत्ममंथन करना चाहिए, न कि हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ना चाहिए। शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसते हुए ‘नाच न जाने आंगन टेढ़ा’ कहावत का इस्तेमाल किया और कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर निशाना साधा।

 

चुनावी हार को लेकर कांग्रेस पर निशाना

 

शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावों में मिली हार से सबक लेने के बजाय चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में चुनावी नतीजों को स्वीकार करना जरूरी है। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि यदि चुनावी प्रक्रिया पर संदेह किया जा रहा है, तो इसी व्यवस्था के तहत केरल, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में विपक्षी दलों को मिली जीत को किस नजर से देखा जाएगा। उन्होंने पंजाब और झारखंड में विपक्षी सरकारों के गठन का भी जिक्र किया।

 

शिवराज ने कहा कि चुनाव में हार मिलने पर संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराने के बजाय राजनीतिक दलों को अपनी रणनीति और नेतृत्व की समीक्षा करनी चाहिए। हालांकि, चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की आपत्तियां उसके अपने आरोप हैं, जबकि शिवराज ने उन्हें चुनावी हार से जोड़कर देखा।

 

राहुल गांधी के ‘शिवजी की बारात’ वाले बयान पर पलटवार

 

केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के भगवान शिव की बारात से जुड़े बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भगवान राम और भगवान शिव का जिक्र करते हुए कांग्रेस की धार्मिक और वैचारिक स्थिति पर सवाल उठाए। शिवराज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का रवैया उसके बयानों में विरोधाभास दिखाता है। उन्होंने कहा कि भगवान राम से जुड़ी आस्था के मुद्दों पर कांग्रेस के रुख और अब भगवान शिव की बारात का जिक्र करने के बीच अंतर दिखाई देता है।

 

यह टिप्पणी राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा है। शिवराज के आरोपों के जरिए भाजपा ने कांग्रेस के धार्मिक मुद्दों पर रुख को निशाने पर लिया है।

 

इंडिया ब्लॉक और विपक्षी एकता पर भी सवाल

 

शिवराज सिंह चौहान ने इंडिया ब्लॉक की एकजुटता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने विपक्षी गठबंधन में समन्वय की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अपना रवैया स्पष्ट करना चाहिए। भाजपा नेताओं का आरोप है कि विपक्ष चुनावी हार के बाद संस्थाओं को बदनाम कर रहा है, जबकि विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते रहे हैं।

 

इंडिया ब्लॉक का मार्च चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की आपत्तियों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किया जा रहा था। ऐसे में मार्च से पहले शिवराज सिंह चौहान के बयान ने भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव को और चर्चा में ला दिया। अब इस पूरे विवाद में दोनों पक्षों के आरोपों और जवाबों पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं।

Kinni Times
Author: Kinni Times