उत्तर भारत के कई राज्यों में शुक्रवार को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। हिमाचल प्रदेश के शिमला और मनाली में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे पर्यटकों में खुशी तो दिखी, लेकिन यातायात ठप होने से हजारों लोग रास्तों में फंस गए।
कश्मीर में भारी हिमपात के चलते जम्मू–श्रीनगर हाईवे और मुगल रोड बंद कर दिए गए हैं। श्रीनगर एयरपोर्ट पर रनवे पर बर्फ जमने के कारण सभी उड़ानें रद रहीं। वैष्णो देवी यात्रा भी कुछ घंटों के लिए रोकनी पड़ी। गुलमर्ग, सोनमर्ग और पीर पंजाल क्षेत्र में तीन से पांच फुट तक बर्फ जमा होने की खबर है।
उत्तराखंड के मसूरी, धनौल्टी, चकराता, टिहरी, औली और केदारनाथ समेत कई इलाकों में जोरदार बर्फबारी हुई। केदारनाथ धाम में एक फीट तक बर्फ जम गई है। रानीखेत में दो साल बाद बर्फबारी हुई, जिससे किसानों और बागवानों को राहत मिली है।
दिल्ली-एनसीआर में साल की पहली बारिश दर्ज की गई। बारिश से वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार हुआ, लेकिन ठंड बढ़ गई और कई इलाकों में भारी ट्रैफिक जाम लग गया। लोगों ने सोशल मीडिया पर लंबे जाम की तस्वीरें साझा कीं।
पंजाब के कई जिलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से सटे इलाकों में भी ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में हिमस्खलन की चेतावनी दी है और अगले दो दिनों तक बारिश-बर्फबारी जारी रहने की संभावना जताई है।
कुल मिलाकर, उत्तर भारत में बदले मौसम ने जहां सर्दी बढ़ा दी है, वहीं यातायात और जनजीवन पर भी गहरा असर डाला है।








