छात्र आंदोलन और हालिया विरोध-प्रदर्शनों के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि छात्रों के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने का फैसला किया था।
राहुल गांधी के मुताबिक, उन्होंने पहले लोकसभा अध्यक्ष से छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सदन में चर्चा कराने का अनुरोध किया था। लेकिन जब उन्हें लगा कि इस विषय पर कोई पहल नहीं हो रही है, तो उन्होंने विरोध प्रदर्शन का रास्ता चुना ताकि छात्रों की आवाज देश तक पहुंच सके।
राहुल गांधी की सरकार से 5 प्रमुख मांगें
- गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
- छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और दुर्व्यवहार के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।
- प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएं।
- संसद में शिक्षा और छात्रों के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराई जाए।
- सरकार छात्रों के साथ हुए व्यवहार पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि देश में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं क्यों हो रही हैं, शिक्षा इतनी महंगी क्यों होती जा रही है और परिवारों पर पढ़ाई का आर्थिक बोझ लगातार क्यों बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन सवालों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।
जंतर-मंतर पर विपक्षी नेताओं का समर्थन
मंगलवार देर रात शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा जंतर-मंतर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात कर उन्हें समर्थन दिया। महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर छात्रों के साथ एक वीडियो भी साझा किया।
दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई
छात्र आंदोलन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने संसद भवन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। कई जगह बैरिकेडिंग की गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन
दिल्ली की घटनाओं के विरोध में केरल, असम और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। नेताओं का कहना है कि छात्रों के मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए, जबकि सरकार पहले ही प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था को लेकर अपना पक्ष रख चुकी है।








