राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच तेज हो गई है। विशेष जांच दल (SIT) गुरुवार को दोबारा अयोध्या पहुंचा और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों से कई घंटों तक पूछताछ की। इस दौरान ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, व्यवस्थापक गोपाल राव और महासचिव चंपतराय से दान में मिले आभूषणों, नकदी और भूमि खरीद से जुड़े मामलों पर सवाल-जवाब किए गए।
SIT ने सबसे पहले डॉ. अनिल मिश्र से बंद कमरे में विस्तृत पूछताछ की। इसके बाद गोपाल राव को बुलाकर उनके बयान दर्ज किए गए और अंत में चंपतराय से भी पूछताछ कर तीनों के बयानों का आपस में मिलान किया गया। जांच एजेंसी अब भूमि खरीद और दान से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को उन दानदाताओं, गवाहों और भूमि खरीद से जुड़े लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है, जिनके नाम जांच के दौरान सामने आए हैं। SIT इन सभी के बयानों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
इधर, पुलिस ने मामले के आरोपी अविनाश शुक्ल की कस्टडी रिमांड हासिल कर ली है। शुक्रवार को उससे गहन पूछताछ की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उसे उसके पैतृक गांव प्रतापगढ़ भी ले जाया जा सकता है। जांच में अब तक सबसे अधिक नकदी और विदेशी मुद्रा उसके पास से बरामद होने के कारण पुलिस उसे इस मामले का मुख्य आरोपी मानने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
इस बीच अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने आरोपी लवकुश मिश्र के कथित अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया है। बताया गया है कि मकान का स्वीकृत नक्शा नहीं मिलने पर प्राधिकरण जल्द ही ध्वस्तीकरण (बुलडोजर) की कार्रवाई कर सकता है।
जांच एजेंसियां अब उन सभी लोगों से पूछताछ की तैयारी कर रही हैं, जिन्होंने ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेन-देन, आभूषणों और भूमि खरीद को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में कई और लोगों से पूछताछ होने की संभावना है।
यह भी पढे
कांगो में इबोला से लेकर ईरान-अमेरिका तनाव तक https://kinnitimes.com/?p=30893








