राम मंदिर चढ़ावा मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, भ्रष्टाचार पर कानून सख्त करने की कही बात

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राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार और नैतिक मूल्यों को लेकर कड़ी टिप्पणी की। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन ने कहा कि यदि धार्मिक आस्था से जुड़े स्थानों पर भी भ्रष्टाचार हो रहा है और उससे लोगों को कोई शर्म महसूस नहीं होती, तो यह समाज के नैतिक पतन का गंभीर संकेत है।

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति श्रीधरन ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति समाज का रवैया चिंताजनक है। उनके अनुसार, आमतौर पर लोग भ्रष्टाचार को तब तक गंभीर नहीं मानते जब तक कोई व्यक्ति पकड़ा नहीं जाता। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को कानून और अधिक सख्त बनाने पर विचार करना चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों में मौत की सजा जैसे कठोर प्रावधान की आवश्यकता पर अपनी व्यक्तिगत राय भी व्यक्त की।

न्यायमूर्ति श्रीधरन ने ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की भ्रष्टाचार संबंधी रैंकिंग का भी उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की स्थिति चिंता का विषय है और इस पर गंभीर आत्ममंथन की जरूरत है।

यह मामला श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। इस प्रकरण में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है। इस बीच ट्रस्ट में प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं।

हाईकोर्ट की इन टिप्पणियों के बाद भ्रष्टाचार और धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अदालत की ये टिप्पणियां सुनवाई के दौरान की गईं और अंतिम न्यायिक निर्णय से अलग हैं।

Kinni Times
Author: Kinni Times