राजधानी के वीआईपी इलाके माने जाने वाले लुटियंस दिल्ली की सड़कों की सूरत अब पहले से कहीं ज्यादा बदली नजर आ रही है. एनडीएमसी (नई दिल्ली नगरपालिका परिषद) के ‘वन डे वन रोड’ कार्यक्रम के तहत हर दिन एक सड़क को चिह्नित कर उसे संवारने और दुरुस्त करने का काम कर रहा है. इस योजना के माध्यम से न केवल सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, बल्कि सौंदर्यीकरण, मरम्मत और अतिक्रमण हटाने जैसे कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है. एनडीएमसी के अनुसार, कार्यक्रम की सफलता के पीछे उसकी प्लानिंग और विभागीय समन्वय एक बड़ी वजह है हर सड़क को लेकर पहले से ही कार्य योजना बनाई जाती है, जिसमें सफाई कर्मचारियों की टीम, हाइड्रो जेट मशीन, पानी के टैंकर, ट्रिमिंग उपकरण और ट्रैफिक डाइवर्जन की व्यवस्था भी शामिल होती है.
कार्यक्रम की सबसे अहम बात
इस कार्यक्रम की सबसे अहम बात यह है कि हर दिन एक सड़क को प्राथमिकता देते हुए वहां गहन सफाई अभियान चलाया जाता है सफाई का कार्य सिर्फ सतही नहीं, बल्कि पेड़ों व झाड़ियों की छंटाई, सड़कों और फुटपाथों की धुलाई, ग्रिल की पेंटिंग और रोड मार्किंग तक विस्तारित है। इससे न सिर्फ सड़कों की सुंदरता बढ़ रही है, बल्कि स्थानीय लोगों और आगंतुकों को स्वच्छ और सुव्यवस्थित परिवेश भी मिल रहा है. एनडीएमसी का कहना है कि वन डे वन रोड सिर्फ एक सफाई अभियान नहीं है, बल्कि यह एक समग्र इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन और रखरखाव पहल है. इसमें सड़कों की मरम्मत, टूटे फुटपाथों की दुरुस्ती, रेलिंग और कर्बस्टोन की पेंटिंग, रैंप का निर्माण और सेंट्रल वर्ज का हरित सौंदर्यीकरण शामिल है. एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल का कहना है कि क्षेत्र के नागरिक इस पहल की सराहना कर रहे है बाजारों में दुकानों के सामने की जगह साफ और व्यवस्थित बनी रहती है, जिससे ग्राहकों की आवाजाही आसान हो गई है अगले चरण में इसमें स्मार्ट तकनीकों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे निगरानी और फीडबैक तंत्र को मजबूत किया जा सके।







