दिल्ली के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। यमुना नदी का जलस्तर घटने के बाद मंगलवार, 9 सितंबर से पुराना लोहे का पुल वाहनों के लिए खोल दिया गया है। जलस्तर बढ़ने के चलते कुछ दिनों पहले इस पुल को बंद कर दिया गया था, जिससे हजारों लोगों को रोजाना की आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पुल बंद होने से न केवल आम जनता की आवाजाही प्रभावित हुई थी, बल्कि आसपास के इलाकों में ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ गया था। अब जलस्तर सामान्य होने पर प्रशासन ने पुल पर फिर से यातायात बहाल कर दिया है।
हालांकि, पुल के किनारे बनाए गए टेंट फिलहाल हटाए नहीं गए हैं। इन टेंटों में अभी भी बाढ़ से प्रभावित लोग रह रहे हैं। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जैसे-जैसे हालात पूरी तरह सामान्य होंगे, राहत शिविर भी हटाए जाएंगे।पुराना लोहा पुल दोबारा खुलने से अब लोगों को आने-जाने में काफी आसानी होगी और ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। बाढ़ प्रभावितों के लिए प्रशासन ने बढ़ाई सुविधाएं
यमुना का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन लगातार राहत कार्य कर रहा है। मयूर विहार फेज-1 और डीएनडी के पास 20 अतिरिक्त टेंट लगाए गए हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय मिल सके और उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।लगातार हो रही बारिश की वजह से लोगों की मुश्किलें पहले ही बढ़ चुकी थीं। कई परिवार अपने घरों से निकलकर इन राहत शिविरों में रह रहे हैं। लोग अब इस इंतजार में हैं कि खादर क्षेत्र में पानी कब घटेगा, ताकि वे वापस अपने घर लौट सकें और सामान्य जीवन की ओर लौट पाएं।
राहत शिविरों में रह रहे लोगों की दिक्कतें अब कम हुईं
मयूर विहार फेज-1 के राहत शिविर में रह रहे शिव शंकर ने बताया कि शुरुआत में प्रभावित लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। प्रशासन से शिकायतें भी की गई थीं। इसके बाद लोगों की परेशानी को देखते हुए टेंट की संख्या बढ़ाई गई। पहले बिजली की व्यवस्था नहीं थी, लेकिन अब ज्यादातर टेंट में लाइट उपलब्ध करा दी गई है। वहीं, पुराना लोहा पुल के पास बने राहत शिविर में रह रहे संदीप का कहना है कि यमुना का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा है। खादर क्षेत्र में भी पानी घट रहा है। जैसे ही हालात सामान्य होंगे और पानी पूरी तरह उतर जाएगा, लोग अपना सामान समेटकर वापस अपनी झुग्गियों में लौट जाएंगे।
बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं : जिलाधिकारी अजय कुमार
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी अजय कुमार ने कहा कि यमुना के जलस्तर से प्रभावित लोगों को प्रशासन की ओर से हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। राहत शिविरों में रहने वालों के लिए न सिर्फ रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की गई है, बल्कि अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि वह स्वयं एसडीएम के साथ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। राहत शिविरों में जाकर लोगों से मिल रहे हैं, उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और तुरंत समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक टीमें दिन और रात दोनों समय प्रभावित लोगों की सेवा में लगी हुई हैं।
अजय कुमार ने लोगों को चेतावनी भी दी कि भले ही यमुना का जलस्तर अब घटने लगा है, लेकिन नदी के किनारे जाना अभी भी खतरनाक हो सकता है। उन्होंने अपील की कि लोग नदी के आसपास बोटिंग न करें और पूरी तरह सुरक्षित जगहों पर ही रहें।








