ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने से नौ लोगों की मौत के मामले में शुक्रवार को दो और मृतकों की पहचान हो गई। इनमें महोबा निवासी सुनीता और उनके बेटे शशांक शामिल हैं। दोनों के पार्थिव शरीर की पहचान सुनीता के छोटे बेटे निखिल ने की।
हादसे के बाद मृतकों के पार्थिव शरीर को पहचान और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए नोएडा सेक्टर-94 स्थित पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया था। शुक्रवार को निखिल पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और उन्होंने अपनी मां सुनीता तथा भाई शशांक के पार्थिव शरीर की पहचान की।
सुनीता के पति नीरज गुप्ता भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता
पोस्टमार्टम हाउस पर हमीरपुर (बुंदेलखंड) के पूर्व सांसद कुंवर पुष्पेंद्र सिंह चंदेल भी पहुंचे। उन्होंने बताया कि सुनीता के पति नीरज गुप्ता कई वर्षों से भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं।
जानकारी के अनुसार, सुनीता इन दिनों अपने बेटे शशांक के पास दिल्ली में रहने आई थीं। इसी दौरान यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए बस अग्निकांड में सुनीता और उनके बेटे शशांक की मौत हो गई।
छोटे बेटे निखिल ने की मां और भाई की पहचान
शुक्रवार को निखिल ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर अपनी मां सुनीता और भाई शशांक के पार्थिव शरीर की पहचान की। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद परिजन दोनों के पार्थिव शरीर को ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। परिवार द्वारा आगे दोनों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
हादसे में नौ लोगों की मौत
यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने की इस घटना में कुल नौ लोगों की मौत हुई है। हादसे के बाद मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी रही। इसी क्रम में शुक्रवार को सुनीता और शशांक की पहचान उनके छोटे बेटे निखिल ने की।
मां और भाई के पार्थिव शरीर की पहचान के बाद निखिल और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए यह बेहद दुखद स्थिति है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।








