मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के बीच हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। इराक के पश्चिमी इलाके में अमेरिकी वायुसेना का एक KC-135 स्ट्रैटोटैंकर (एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर) विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक यह हादसा “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के दौरान हुआ, जिसमें दो विमान शामिल थे। एक विमान सुरक्षित उतर गया जबकि दूसरा क्रैश हो गया। फिलहाल बचाव अभियान जारी है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह दुर्घटना किसी हमले या फायरिंग की वजह से नहीं हुई।
इधर ईरान की राजधानी तेहरान में लगातार धमाकों की खबरें सामने आ रही हैं। ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान के ऊर्जा ठिकानों या बंदरगाहों को निशाना बनाया गया तो पूरे क्षेत्र के तेल और गैस भंडारों को आग के हवाले कर दिया जाएगा। इस बयान से पूरे मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।
इसी बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि हालिया इजरायली हमलों में ईरान के कई शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई से ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक कार्यक्रम को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
वहीं ईरान के नए सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई को लेकर भी कई अटकलें लगाई जा रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार युद्ध के शुरुआती हमलों में उन्हें चोटें आई थीं, जिनमें पैर में फ्रैक्चर और चेहरे पर चोट शामिल बताई जा रही है। हालांकि ईरान के सरकारी मीडिया ने उन्हें “रमजान वॉर का घायल योद्धा” बताया है। अभी तक वह कैमरे के सामने नहीं आए हैं, जिससे उनकी सेहत और सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मध्य-पूर्व में तेजी से बदलते हालात के बीच तेल बाजार भी प्रभावित हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव और टैंकरों पर हमलों की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।








