रक्षा निर्यात क्षेत्र में भारत की बड़ी छलांग
भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीकों को वैश्विक स्तर पर एक और बड़ी कामयाबी मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच मिसाइल सहयोग को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडोनेशिया अपनी वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए भारत की स्वदेशी ‘अस्त्र’ (Astra) एयर-टू-एयर मिसाइल को खरीदने की तैयारी में है। हालांकि, अभी इस ऑर्डर की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है, लेकिन दोनों देशों के बीच बनी सहमति ने इस डील का रास्ता साफ कर दिया है।
Su-30 फाइटर जेट्स के लिए गेम-चेंजर साबित होगी ‘अस्त्र’
‘अस्त्र’ भारत की पहली स्वदेशी बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है, जिसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है।
सफल ट्रैक रिकॉर्ड: यह मिसाइल भारतीय वायुसेना के Su-30 MKI फाइटर जेट्स में पहले से ही सफलतापूर्वक तैनात है और दुश्मनों के लड़ाकू विमानों को लंबी दूरी से ही मार गिराने में सक्षम है।
इंडोनेशिया की जरूरत: इंडोनेशियाई वायुसेना भी रूसी मूल के Su-30 लड़ाकू विमानों का संचालन करती है, जिसके लिए ‘अस्त्र’ मिसाइल एक परफेक्ट और बेहद सटीक हथियार साबित होगी।
वैश्विक बाजार में खुलेगा बड़ा रास्ता: यदि इंडोनेशिया के साथ यह डील अंतिम रूप ले लेती है, तो अल्जीरिया, वियतनाम और मलेशिया जैसे अन्य देशों के लिए भी रास्ते खुल जाएंगे। ये देश भी रूसी मूल के Su-30 विमानों का उपयोग करते हैं और आने वाले समय में भारतीय ‘अस्त्र’ मिसाइल को खरीदने में अपनी दिलचस्पी दिखा सकते हैं।
यह सौदा न केवल भारत के रक्षा निर्यात के लक्ष्यों को नई उड़ान देगा, बल्कि वैश्विक रक्षा बाजार में भारत को एक मजबूत और विश्वसनीय सप्लायर के रूप में भी स्थापित करेगा।








