दक्षिण दिल्ली के मैदान गढ़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पीर बाबा रोड, भाटी गांव से एक बेहद गंभीर और हैरान करने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहां स्थित फार्म नंबर 9-A में पिछले कुछ समय से बड़ी पोकलैंड मशीनों के जरिए कथित रूप से बेसमेंट की गहरी खुदाई की जा रही है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस खुदाई की आड़ में यहां बड़े पैमाने पर अवैध माइनिंग (खनन) को अंजाम दिया जा रहा है और वहां से निकलने वाले कीमती पत्थरों को धड़ल्ले से बाजार में बेचा जा रहा है। रिहायशी इलाके के पास इतनी भारी-भरकम मशीनों से दिन-रात हो रही इस अंधाधुंध खुदाई ने क्षेत्र के निवासियों को बड़ी चिंता में डाल दिया है और यह पूरा मामला इस समय पूरे इलाके में भारी चर्चा और विवाद का विषय बना हुआ है।
सरकारी राजस्व को भी भारी चपत लग रही
इस कथित अवैध निर्माण और खनन कार्य को लेकर स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों पर बेहद संगीन आरोप मढ़े हैं। क्षेत्र के लोगों का सीधा और साफ आरोप है कि सुरेंद्र बेलदार, हन्नी अग्रवाल और दिल्ली नगर निगम (MCD) के भवन विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) पूरी तरह से इस खेल में शामिल हैं। निवासियों ने आरोप लगाया है कि ये जिम्मेदार लोग कथित रूप से मोटी रिश्वत लेकर इस अवैध बेसमेंट की खुदाई और अवैध माइनिंग के काले कारोबार को अपनी नाक के नीचे अंजाम दिलवा रहे हैं, जिससे न सिर्फ नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं बल्कि सरकारी राजस्व को भी भारी चपत लग रही है।
तुरंत कड़ा हस्तक्षेप करने की पुरजोर मांग
इस अवैध गतिविधि और अधिकारियों की कथित मिलीभगत से नाराज स्थानीय लोगों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। उन्होंने संबंधित सरकारी विभागों और उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से इस मामले में तुरंत कड़ा हस्तक्षेप करने की पुरजोर मांग की है। निवासियों का कहना है कि प्रशासन की एक उच्च स्तरीय टीम को बिना किसी देरी के तत्काल मौके का निरीक्षण करना चाहिए। साथ ही इस बात की भी गहनता से निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए कि इस निजी फार्म के भीतर चल रहा यह विशाल निर्माण और खुदाई का कार्य आवश्यक कानूनी अनुमति और स्वीकृत नक्शे के तहत किया जा रहा है या फिर यह पूरी तरह से गैरकानूनी है।
सुरक्षा संबंधी गंभीर दुर्घटना से समय रहते बचा जा सके
स्थानीय लोगों ने चेतावनी भरे लहजे में साफ कहा है कि यदि प्रशासनिक जांच में किसी भी प्रकार का नियमों का उल्लंघन, अवैध खनन या भ्रष्टाचार पाया जाता है, तो इस मामले में शामिल भू-माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। निवासियों ने गुहार लगाई है कि प्रशासन को समय रहते इस पूरे संवेदनशील मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति को जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी बड़ी अवैध निर्माण गतिविधि या जमीन धंसने जैसी सुरक्षा संबंधी गंभीर दुर्घटना से समय रहते बचा जा सके।








