भाटी खुर्द में अवैध बोरिंग का बड़ा आरोप: अधिकारियों पर रिश्वत लेकर रात में काम कराने के गंभीर सवाल
दक्षिणी दिल्ली के भाटी खुर्द क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है,
जहां कथित रूप से अवैध बोरिंग का काम रात में फर्जी परमिशन की आड़ में बड़े स्तर पर किया जा रहा है।
यह गतिविधि खसरा नंबर 1337, श्मशान घाट के सामने, शिव मंदिर महाबलीपुरम भाटी के पास चल रही है,
जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी और चिंता का माहौल बना हुआ है।
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🔴 बड़ी बोरिंग मशीनों से चल रहा रात में बोरिंग कार्य
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इलाके में बड़ी-बड़ी मशीनों की मदद से गहराई तक बोरिंग की जा रही है।
बताया जा रहा है कि यह काम बिना किसी वैध अनुमति के किया जा रहा है,
जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है।
लोगों का कहना है कि इस तरह खुलेआम मशीनों का इस्तेमाल यह संकेत देता है
कि कहीं न कहीं प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही या संरक्षण मिल रहा है।
⚠️ अधिकारियों पर लगे गंभीर आरोप
इस मामले में कुछ सरकारी अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं।
आरोप है कि तहसीलदार अजय शर्मा, BDO तनुज भनोट, डीसी कार्यालय के रीडर दीपक
और थाना मैदान गढ़ी के प्रभारी ने कथित रूप से मोटी रिश्वत लेकर इस अवैध बोरिंग को अनुमति दी है
या इसे नजरअंदाज किया है।
हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है,
लेकिन स्थानीय स्तर पर इन नामों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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🌍 भूजल और पर्यावरण पर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, बिना अनुमति की बोरिंग सीधे तौर पर भूजल स्तर को प्रभावित करती है। दिल्ली जैसे पहले से जल संकट झेल रहे शहर में इस तरह की गतिविधियां आने वाले समय में गंभीर संकट पैदा कर सकती हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर इसी तरह अनियंत्रित बोरिंग जारी रही, तो क्षेत्र में पानी की उपलब्धता पर बड़ा असर पड़ सकता है।
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🗣️ स्थानीय लोगों में रोष
इलाके के लोगों ने इस मामले पर कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और इस बोरिंग कार्य को रोका जाना चाहिए।
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस मुद्दे को उच्च अधिकारियों और न्यायालय तक ले जाएंगे।
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🏛️ प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
अब तक इस मामले में संबंधित विभागों या अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यही कारण है कि लोगों में संदेह और बढ़ गया है।
पारदर्शिता की कमी और जवाबदेही न होने से यह मामला और भी गंभीर होता जा रहा है।
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⚡ जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
साथ ही, अवैध बोरिंग को तुरंत बंद कर पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
🧾 निष्कर्ष
भाटी खुर्द का यह मामला केवल एक अवैध बोरिंग का नहीं, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही का भी सवाल बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि जांच में क्या सच्चाई सामने आती है और क्या दोषियों पर कार्रवाई होती है या नहीं। पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
x (twitter) पर भी बड़े अधिकारियों को twit किया गया किन किन अधिकारियों को भेजी खबर देखने के लिए लिंक खोले https://x.com/kinnitimes28/status/2036096827347574844?s=20








