Jind के सफीदों इलाके में शनिवार दोपहर होली के रंग-गुलाल बनाने वाली एक फैक्ट्री में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। आग की चपेट में आने से 5 महिला मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 12 अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए।
जानकारी के अनुसार गीता कॉलोनी स्थित एक मकान में करीब डेढ़ साल से अवैध रूप से रंग-गुलाल बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। फैक्ट्री में करीब 20 मजदूर काम करते थे, जिनमें 15 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल थे। अचानक फैक्ट्री में आग लग गई और वहां मौजूद बारूद व केमिकल के कारण आग तेजी से फैल गई।
आग लगते ही फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए कुछ मजदूरों ने बाहर निकलने की कोशिश की, जबकि तीन महिलाएं छत पर चढ़कर कूद गईं और उनकी जान बच गई। हादसे में कुल 17 लोग आग की चपेट में आए, जिनमें से 5 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद घायलों को तुरंत नागरिक अस्पताल सफीदों ले जाया गया, जहां से गंभीर घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में रेफर किया गया। कई घायलों को Pandit Bhagwat Dayal Sharma Post Graduate Institute of Medical Sciences रोहतक, कुछ को हिसार और मेडिकल कॉलेज खानपुर भेजा गया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक फैक्ट्री के मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था, जिससे मजदूर समय पर बाहर नहीं निकल पाए। आसपास के लोगों ने दीवार तोड़कर कुछ मजदूरों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक कई लोग बुरी तरह झुलस चुके थे। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम भी नहीं थे।
मृतकों में पिंकी (51), गुड्डी (50), पूजा (40) और ऊषा (45) की पहचान हो चुकी है, जबकि एक अन्य महिला की पहचान अभी नहीं हो पाई है। पुलिस ने मकान मालिक और फैक्ट्री संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि घायलों के इलाज के साथ-साथ पूरे मामले की जांच की जा रही है और नियमों के अनुसार पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा।








