अमित शाह की बड़ी घोषणा, राष्ट्रीय सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
केंद्र सरकार देशभर में फोरेंसिक लैब्स का एक सशक्त और आधुनिक नेटवर्क तैयार करने के लिए करीब 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह अहम घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के श्री विजयपुरम में की। वह यहां गृह मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
अमित शाह ने कहा कि फोरेंसिक ढांचे को मजबूत करना समय की जरूरत है, ताकि अपराधों की वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित हो सके और न्याय प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक फोरेंसिक सुविधाओं से न सिर्फ अपराधियों की पहचान तेज होगी, बल्कि मामलों के निपटारे में भी तेजी आएगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर चुनौतियों पर मंथन
बैठक के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। गृह मंत्री ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक और साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए देश को मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचे की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि फोरेंसिक विज्ञान की भूमिका अब केवल पारंपरिक अपराधों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि साइबर अपराध, आतंकी गतिविधियों और संगठित अपराधों की जांच में भी यह बेहद अहम हो गई है।
न्यायिक प्रक्रिया को मिलेगी गति
सरकार की इस पहल से पुलिस और जांच एजेंसियों को अत्याधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण मिलेगा। इससे सबूतों की वैज्ञानिक जांच संभव होगी और अदालतों में मामलों की मजबूती बढ़ेगी। अमित शाह ने कहा कि फोरेंसिक साक्ष्यों पर आधारित जांच से दोषियों को सजा और निर्दोषों को न्याय दिलाने में मदद मिलेगी।
दूरदराज़ इलाकों पर भी रहेगा फोकस
गृह मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित फोरेंसिक नेटवर्क में देश के दूरदराज़ और सीमावर्ती इलाकों को भी प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि हर राज्य और क्षेत्र को समान रूप से आधुनिक जांच सुविधाएं मिल सकें।
भविष्य की सुरक्षा रणनीति का हिस्सा
अमित शाह ने इस निवेश को भारत की दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि मजबूत फोरेंसिक ढांचा भारत को अपराध नियंत्रण, आतंकवाद से मुकाबले और आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में और सशक्त बनाएगा।








