दिल्ली में रिहायशी इलाकों में चल रही अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। Municipal Corporation of Delhi (MCD) ने Supreme Court of India के निर्देशों के पालन में सभी जोनल अधिकारियों को सख्त आदेश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत शहरभर में उन संपत्तियों की पहचान की जाएगी, जहां रिहायशी मकानों का उपयोग दुकानों, ऑफिसों या अन्य व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जा रहा है।

अधिकारियों को हर जोन में ग्राउंड सर्वे और वेरिफिकेशन करने को कहा गया है। जांच का दायरा केवल अधिकृत कॉलोनियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अनधिकृत कॉलोनियों को भी इसमें शामिल किया गया है। हर जोन से नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों की विस्तृत सूची तैयार की जाएगी, जिसे ठोस सबूतों के साथ जमा करना अनिवार्य होगा।
MCD ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। सभी जोनल टीमों को यह रिपोर्ट महज 7 दिनों के भीतर तैयार कर सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया जाएगा।
इस सख्ती के बाद यह साफ संकेत मिल रहा है कि दिल्ली में रिहायशी इलाकों में चल रही अवैध दुकानों, ऑफिसों और अन्य कमर्शियल गतिविधियों पर जल्द ही बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।



