दिल्ली में छात्र आंदोलन पर गरमाई सियासत: 18 मेट्रो स्टेशन बंद होने पर भड़के राहुल गांधी, सरकार पर बोला तीखा हमला

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“मेट्रो बंद कर सकते हैं, पर पेपर लीक नहीं रोक सकते” – राहुल गांधी का केंद्र पर निशाना

राजधानी दिल्ली में NEET पेपर लीक को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच सुरक्षा व्यवस्था और सियासी पारा दोनों चरम पर पहुंच गए हैं। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और संसद मार्च की कोशिशों को देखते हुए दिल्ली के 18 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने के फैसले पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने के लिए मेट्रो स्टेशन बंद कर सकती है, सड़कें सील कर सकती है, इंटरनेट सेवाएं ठप कर सकती है और आम जनता की आवाजाही को मुश्किल में डाल सकती है, लेकिन बार-बार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा धांधलियों को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। राहुल ने आरोप लगाया कि अपने अधिकारों और न्याय की मांग कर रहे छात्रों के प्रति सरकार का रवैया बेहद कठोर और दमनकारी है।

DMRC की कार्रवाई: 18 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद, सिर्फ इंटरचेंज चालू

सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने एहतियातन 18 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक यात्रियों के लिए बंद कर दिया है।

  • पूरी तरह प्रभावित प्रमुख स्टेशन: लोक कल्याण मार्ग, नई दिल्ली, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, जनपथ, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम और झंडेवालान।

  • केवल इंटरचेंज की अनुमति: यात्रियों को राहत देने के लिए राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट जैसे मुख्य जंक्शनों पर केवल ट्रेन बदलने (Interchange) की सुविधा चालू रखी गई है। इन स्टेशनों से बाहर निकलने या अंदर प्रवेश करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

20 जुलाई के संसद मार्च के बाद सख्त कदम: गौरतलब है कि 20 जुलाई को NEET परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों और धांधली के खिलाफ जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच तीखी झड़प हुई थी। इसके बाद से ही नई दिल्ली और मध्य दिल्ली के इलाकों में पुलिस व अर्द्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है।

दूसरी ओर, सरकार और प्रशासन का कहना है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। फिलहाल छात्र आंदोलन, प्रशासन की कड़ाई और राजनीतिक बयानबाजी के बीच दिल्ली में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

Kinni Times
Author: Kinni Times