नई दिल्ली।
राजधानी दिल्ली के वसंत कुंज थाना क्षेत्र स्थित शांतिकुंज खड्डा कॉलोनी में बड़े पैमाने पर हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि प्लॉट नंबर A-26 और A-27 पर रात के समय चोरी-छिपे पेड़ों को काटा जा रहा है, ताकि किसी तरह का विरोध या प्रशासनिक कार्रवाई न हो सके।
शिकायत में कहा गया है कि इस अवैध गतिविधि की जानकारी स्थानीय पुलिस को होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बल्कि आरोप यह भी लगाया गया है कि संबंधित पुलिसकर्मी कथित रूप से रिश्वत लेकर पेड़ काटने वालों को संरक्षण दे रहे हैं। डायल 112 पर सूचना दिए जाने के बाद भी मौके पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मामले को गंभीर बताते हुए यह भी कहा गया है कि अवैध कटाई न केवल दिल्ली प्रिजर्वेशन ऑफ ट्री एक्ट बल्कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अन्य कानूनों और भारतीय दंड संहिता का भी खुला उल्लंघन है। शिकायत में पुलिस की कथित लापरवाही, भ्रष्टाचार और अपराधियों को संरक्षण देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इस पूरे मामले को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, दिल्ली सरकार, उपराज्यपाल कार्यालय, दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, वन विभाग, डीडीए और पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी सहित कई उच्चस्तरीय विभागों और अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी गई है।
शिकायत में मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, अवैध पेड़ कटाई में शामिल सभी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो, दोषी पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के तहत सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो संबंधित पक्ष न्यायालय, मानवाधिकार आयोग और पर्यावरण से जुड़े उच्च मंचों पर जाने का विकल्प अपनाएगा। मामले ने एक बार फिर राजधानी में पर्यावरण संरक्षण और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं








