Jawaharlal Nehru University (JNU) परिसर में रविवार देर रात दो छात्र संगठनों के बीच हिंसक झड़प हो गई। आरोप है कि लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और अन्य वस्तुओं के साथ छात्रों पर हमला किया गया, जिसमें कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
ABVP का आरोप: लाइब्रेरी में पढ़ रहे छात्रों पर हमला
Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि वामपंथी विचारधारा से जुड़े समूहों ने लाइब्रेरी और स्टडी रूम में पढ़ रहे छात्रों को निशाना बनाया। संगठन का आरोप है कि यह हमला सुनियोजित था और 100 से अधिक नकाबपोश लोग परिसर में घुसे। ABVP ने दिल्ली पुलिस से तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गंभीर हमले के आरोप
ABVP से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज क्षेत्र में एक छात्र के साथ मारपीट की गई और फायर एक्सटिंग्विशर पाउडर का भी इस्तेमाल किया गया। कुछ छात्रों ने इसे “मॉब लिंचिंग जैसा हमला” बताया है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
लेफ्ट विंग का पक्ष
वामपंथी छात्र संगठनों की ओर से अब तक विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। परिसर में पिछले कई दिनों से हड़ताल और प्रदर्शन चल रहे थे, जिससे तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
कुलगुरु के बयान पर बढ़ा विवाद
विश्वविद्यालय की कुलगुरु शांतिश्री डी. पंडित के एक कथित बयान को लेकर छात्र राजनीति पहले से गरमाई हुई है। छात्र संघ कुलगुरु के इस्तीफे और जवाबदेही की मांग कर रहा है। रविवार रात ‘समता जुलूस’ भी निकाला गया था, जिसके बाद हालात और बिगड़ गए।
प्रशासन और पुलिस पर सवाल
छात्र नेताओं का आरोप है कि घटना के समय सुरक्षा कर्मी और पुलिस मौजूद थे, लेकिन समय पर हस्तक्षेप नहीं किया गया। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच और शांति बनाए रखने की अपील की है।
स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण बनी हुई है।
प्रशासन ने छात्रों से अफवाहों से बचने और आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की अपील की है।








