कमजोरी और सूजन को न करें नजरअंदाज

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शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए प्रोटीन सबसे जरूरी पोषक तत्वों में से एक माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लंबे समय तक शरीर को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं मिलता, तो इसका असर केवल मांसपेशियों पर ही नहीं बल्कि बालों, त्वचा, नाखूनों और रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी पड़ सकता है।

गुरुग्राम स्थित सीके बिरला हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. तुषार तयाल के अनुसार, प्रोटीन की कमी के लक्षण अक्सर धीरे-धीरे सामने आते हैं, इसलिए लोग उन्हें सामान्य कमजोरी या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि समय रहते इन संकेतों को पहचानना जरूरी है।

लगातार थकान और कमजोरी

प्रोटीन की कमी का सबसे आम संकेत लगातार थकान महसूस होना है। पर्याप्त नींद लेने के बाद भी शरीर में ऊर्जा की कमी बनी रहती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर अपनी जरूरत पूरी करने के लिए मांसपेशियों के प्रोटीन का उपयोग करने लगता है, जिससे कमजोरी बढ़ सकती है।

बाल, त्वचा और नाखूनों पर असर

बालों और नाखूनों की मजबूती के लिए भी प्रोटीन आवश्यक है। इसकी कमी होने पर बाल तेजी से झड़ने लगते हैं, नाखून कमजोर हो जाते हैं और त्वचा रूखी व बेजान दिखाई दे सकती है। कई बार छोटे घाव भरने में भी अधिक समय लगने लगता है।

इम्यूनिटी हो सकती है कमजोर

प्रोटीन शरीर में एंटीबॉडी और इम्यून सेल्स बनाने में मदद करता है। कमी होने पर व्यक्ति बार-बार सर्दी, खांसी या अन्य संक्रमणों की चपेट में आ सकता है और बीमारी से उबरने में भी ज्यादा समय लग सकता है।

मांसपेशियों की ताकत घटने का खतरा

जब शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता, तो वह मांसपेशियों को तोड़कर अपनी जरूरत पूरी करता है। इससे मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं और रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी महसूस हो सकती है। बुजुर्गों में यह समस्या अधिक गंभीर हो सकती है।

सूजन भी हो सकती है संकेत

गंभीर प्रोटीन की कमी के मामलों में पैरों, टखनों, हाथों या चेहरे पर सूजन दिखाई दे सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार सूजन बनी रहती है, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

कितनी मात्रा में लें प्रोटीन?

स्वस्थ वयस्कों को सामान्यतः अपने शरीर के प्रति किलोग्राम वजन के हिसाब से कम से कम 0.8 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन लेने की सलाह दी जाती है। हालांकि उम्र, शारीरिक गतिविधि, गर्भावस्था या किसी बीमारी के आधार पर यह जरूरत बढ़ भी सकती है।

प्रोटीन के अच्छे स्रोत

दूध और डेयरी उत्पाद, अंडे, दालें, सोया, मेवे, बीज, मछली और चिकन जैसे खाद्य पदार्थ प्रोटीन के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ पर्याप्त प्रोटीन का सेवन शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लगातार थकान, बाल झड़ना, बार-बार संक्रमण या शरीर में सूजन जैसी समस्याएं दिखाई दें, तो इन्हें नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर होगा।

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Author: Kinni Times