नए साल 2026 की शुरुआत उत्तर भारत में भीषण ठंड के साथ हुई है। मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों तक मौसम ने करवट ली है। घना कोहरा, शीतलहर और पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
दिल्ली-एनसीआर में घने कोहरे की चादर
नए साल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता बेहद कम होने के कारण सड़क और हवाई यातायात पर असर पड़ा। कुछ जगहों पर हल्की बारिश भी दर्ज की गई, जिससे ठंड और बढ़ गई है। ठंडी हवाओं के चलते लोगों को सुबह-शाम घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
IMD का अलर्ट, कई राज्यों में असर
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 दिसंबर तक घना से बहुत घना कोहरा देखने को मिला, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कोहरे का असर 1 जनवरी तक बना रहा। मौसम विभाग ने शीतलहर को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बर्फबारी और बारिश दर्ज की गई है। पहाड़ी इलाकों में बर्फ गिरने से तापमान में भारी गिरावट आई है, वहीं कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह स्थिति 1 से 2 जनवरी तक बनी रह सकती है।
जनजीवन पर असर
घने कोहरे और ठंड के चलते ट्रेनें और उड़ानें प्रभावित हुई हैं। वहीं, पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से पर्यटकों की संख्या बढ़ी है, लेकिन प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। शीतलहर के कारण गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था भी की जा रही है।
आगे कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में ठंड का प्रकोप जारी रहेगा। कोहरा, शीतलहर और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से राहत मिलने के आसार फिलहाल कम हैं।







