उत्तर भारत इन दिनों कड़ाके की शीतलहर की चपेट में है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी से हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं, जबकि मैदानी राज्यों में ठंडी हवाओं, कोहरे और गिरते तापमान ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी के कारण तापमान शून्य से नीचे चला गया है। गुलमर्ग, केदारनाथ, बदरीनाथ, रोहतांग दर्रा और लाहौल-स्पीति जैसे क्षेत्रों में नदियां और जलस्रोत जमने लगे हैं। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों में भी कंपकंपी बढ़ा दी है।
दिल्ली-NCR में सर्द हवाओं और कोहरे का असर साफ नजर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक तेज ठंडी हवाएं चलेंगी और सुबह के समय घना कोहरा वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा सकता है। राजधानी में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, वहीं न्यूनतम तापमान भी लगातार गिर रहा है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 4–5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सुबह के समय अत्यधिक घना कोहरा छाया रह सकता है। हालांकि 6 से 8 जनवरी के बीच दिल्ली में दिन के समय धूप निकलने की संभावना है, लेकिन ठंड से राहत सीमित ही रहेगी।
वहीं, ठंडी हवाओं के बावजूद दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में बनी हुई है। सोमवार को राजधानी का औसत AQI 244 दर्ज किया गया। एनसीआर के कुछ इलाकों में प्रदूषण ज्यादा रहा, जबकि फरीदाबाद की हवा अपेक्षाकृत साफ रही।
मैदानी राज्यों की बात करें तो हरियाणा के नारनौल में पारा 3 डिग्री, पंजाब, राजस्थान, झारखंड और यूपी के कई जिलों में भी न्यूनतम तापमान 4–5 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया है। यूपी के कई जिलों में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
कुल मिलाकर उत्तर भारत में फिलहाल ठंड से राहत के आसार नहीं हैं और आने वाले दिनों में शीतलहर और कोहरे का असर बना रहने की संभावना है।








