ईरान-अमेरिका युद्धविराम का भारत को फायदा, शुरू हुई तेल सप्लाई

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नई दिल्ली: बीते कुछ महीनों से ऊर्जा संकट और तेल-गैस की भारी किल्लत का सामना कर रहे भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच से एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान और अमेरिका के बीच पिछले कई महीनों से जारी सैन्य संघर्ष में युद्धविराम (Ceasefire) होने के बाद, दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को दोबारा सुचारू रूप से खोल दिया गया है। मार्ग खुलने के साथ ही भारत के लिए कच्चे तेल (Crude Oil) और एलएनजी (LNG) से भरे जहाजों की रवानगी तेज हो गई है। नवीनतम जानकारी के मुताबिक, तेल और गैस से भरे भारत आने वाले 30 कमर्शियल जहाज अब तक सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर चुके हैं।

गैस की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई थी

आपको बता दें कि चालू वर्ष के फरवरी महीने से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच युद्ध छिड़ गया। इस टकराव का सीधा असर वैश्विक व्यापार पर पड़ा और रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया था। इस ब्लॉकेज के कारण खाड़ी देशों से कच्चे तेल और गैस की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई थी। चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी मार्ग के जरिए आयात करता है, इसलिए पिछले कुछ ही महीनों में देश के भीतर तेल और गैस की भारी किल्लत देखने को मिली थी और घरेलू बाजार में भी इसका असर दिखने लगा था।

गैस की कमी की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी

कूटनीतिक प्रयासों और लंबे तनाव के बाद आखिरकार दोनों महाशक्तियों के बीच युद्धविराम पर सहमति बन गई है। युद्ध रुकते ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसी सप्लाई चेन को बहाल कर दिया गया है। भारत के लिए रवाना हुए 30 जहाजों का सुरक्षित रूप से इस क्षेत्र को पार कर जाना भारतीय अर्थव्यवस्था और ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। इन जहाजों के भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने के बाद देश में जारी तेल और गैस की कमी की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

Kinni Times
Author: Kinni Times