नई दिल्ली: बारिश और बाढ़ ने पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक बारिश का तांडव जारी है। मौसम विभाग का हर अलर्ट सही साबित हो रहा है। उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश पंजाब बिहार जैसे राज्य इन दिनों इंद्र देव के प्रकोप को झेल रहे हैं। लगता है इंद्रदेव नाराज हो रहे हैं प्रकृति प्रलय की तरफ जाती नजर आ रही है
मौसम विभाग ने दिल्ली और यूपी के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में आज का मौसम अलग-अलग रहेगा।
नई दिल्ली। भारी बारिश और बाढ़ ने पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक त्राहि-त्राहि मच रखी है। मौसम विभाग का हर अलर्ट सही साबित हो रहा है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, बिहार जैसे राज्य इन दिनों इंद्र देव के प्रकोप को झेल रहे हैं। मौसम विभाग ने दिल्ली और यूपी के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में कल यानी 7 सितंबर का मौसम अलग-अलग रहेगा। हिमाचल और उत्तराखंड के अधिकांश जिलों में बारिश से राहत रहेगी, लेकिन नैनीताल और चंपावत जैसे क्षेत्रों में भूस्ख्लन की चेतावनी जारी की गई है। राजस्थान में बांसवाडा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सिरोही और उदयपुर जिले बाढ़ का पानी बढ़ने की आशंका है।
राजस्थान में भारी वर्षा से राष्ट्रीय हाईवे बहा, तीन की मौत
राजस्थान के एक दर्जन जिलों में शनिवार शाम तक भारी वर्षा ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। राजसमंद से जोधपुर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-162 पर आधा किलोमीटर से ज्यादा हिस्सा पानी के बहाव में बह गया है, जिस कारण वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।जयपुर-केकड़ी राजमार्ग पिछले चार दिनों से बंद है।
जयपुर में भारी वर्षा के बीच एक चार मंजिला जर्जर भवन का आधा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसमें पिता-पुत्री की मौत हो गई और पांच लोग घायल हुए। कोटा में आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की मौत हुई।
हरियाणा में 10 लाख एकड़ फसलें डूबी, 1.7 लाख किसानों ने मांगा मुआवजा
लगातार वर्षा और जलभराव से हरियाणा में करीब 10 लाख एकड़ फसलें पानी में डूब गई हैं। ई-क्षति पोर्टल पर अभी तक 3,000 गांवों के एक लाख 70 हजार किसानों ने पंजीकरण करते हुए फसल के नुकसान की जानकारी दी है। यमुना नदी अब भी उफान पर है, वहीं टांगरी और घग्गर में जलस्तर घटा है।
दिल्ली में पानी घटा, समस्या बढ़ीं
दिल्ली में यमुना के उफान में लगातार कमी आ रही है। अब जलस्तर 207 मीटर से नीचे आ गया है, लेकिन अब भी यह खतरे के निशान 205.33 मीटर से काफी ऊपर है। रविवार सुबह तक इसमें और कमी आने की उम्मीद है। यमुना में पानी जरूर कम हुआ है, लेकिन अब भी 20 हजार से अधिक लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। शिविरों में साफ-सफाई, पेजयल, भोजन, दवा, शौचालय आदि की सुविधा उपलब्ध कराना एक चुनौती बनी हुई है।
उत्तरकाशी में मकान क्षतिग्रस्त, कुल्लू में चार शव बरामद
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित नगर पंचायत नौगांव में बादल फटने से बरसाती नालों में उफान आ गया। इससे नौगांव बाजार में अफरातफरी मच गई। हालांकि एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं हिमाचल प्रदेश के कुल्लू शहर के इनर अखाड़ा बाजार में मलबे में शनिवार को चार और शव मिले हैं।
पृथ्वी पर जितने पाप होते जा रहे हैं प्रकृति उतना ही पर्ल की तरफ जा रही है इंसान है कि मानता नहीं मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा पिकनिक बन गए हैं आज जितने भी बड़े तीर्थ स्थान है सबके गेट बंद है



