विश्व बैंक ने मंगलवार को चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान 6.3% से बढ़ाकर 6.5% कर दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू उपभोग में लगातार मजबूती के कारण भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
हालांकि, अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर लगाए गए 50% टैरिफ के कारण अगले वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की वृद्धि दर का अनुमान 6.5% से घटाकर 6.3% कर दिया गया है। वित्त वर्ष 2027-28 के लिए भी वृद्धि दर 6.3% रहने की संभावना जताई गई है।
विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में कृषि उत्पादन और ग्रामीण मजदूरी उम्मीद से बेहतर रही हैं। इसके अलावा, GST सुधार और अनुपालन को सरल बनाने से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मुद्रास्फीति भी RBI के लक्ष्य के भीतर रहने की संभावना है।
रिपोर्ट में AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) पर भी जोर दिया गया है। कहा गया है कि AI उत्पादकता बढ़ाने में मदद कर सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ यह मानव श्रम का पूरक है। AI-संबंधित भूमिकाओं में वेतन अन्य पेशों की तुलना में लगभग 30% अधिक है।
रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए रिपोर्ट में सुझाव दिए गए हैं, जैसे:
व्यावसायिक विकास में बाधक नियमों को सुधारना
परिवहन और डिजिटल कनेक्टिविटी में सुधार
श्रमिकों का कौशल विकास और नौकरी मिलान की सुविधा
तकनीकी बदलाव से प्रभावित लोगों के लिए सुरक्षा जाल








